कथित गौ-तस्कर पहलू खान की मौत मामले में आरोपियों को क्लीनचिट देने से नाराज मेव समाज ने जांच रिपोर्ट के खिलाफ हाईकोर्ट में जाने की तैयारी शुरू कर दी है।
मेव समाज का कहना है कि इस मामले में नामजद 6 आरोपियों को जांच एजेंसी द्वारा क्लीनचिट दिया जाना संविधान का गला घोंटना जैसा है। जिला मेव पंचायत संरक्षक शेर मोहम्मद ने आरोप लगाया कि सीआईडीसीबी ने हिंदूवादी संगठनों के दबाव में आकर आरोपियों को क्लीनचिट दी है।
शेर मोहम्मद का यह भी आरोप है कि पहलू खान के साथ जो लोग थे, उनके सीआईडीसीबी ने बयान तक नहीं लिए, इसलिए मेव समाज हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा।
गौरतलब है कि अलवर जिले में गत 3 अप्रेल को कथित गोरक्षकों द्वारा कथित गौतस्कर पहलू खान की पाटा था, जिसमें उसकी मौत हो गई थी। पहलू खान के बयान के आधार पर बहरोड पुलिस द्वारा विभिन्न हिंदू संगठनों से संबध रखने वाले 6 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने नामजद सभी 6 आरोपियों पर 5-5 हजार का इनाम घोषित किया था।
पहलू खान ने पुलिस को दिया था ये बयान
फाइल फोटो
पहलू ने पुलिस को बताया थी कि उनके साथ जब मारपीट की गई तो सुधीर यादव, हुकमचंद यादव, ओम यादव, नवीन शर्मा, राहुल सैनी और जगमाल सिंह आपस में एक दूसरे का नाम ले रहे थे और अपने आप को विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के कार्यकर्ता बता रहे थे। पिटाई के दौरान उन्होंने कहा था की बहरोड़ में होकर जो गाय लेकर जाएगा, उनका यही हाल होगा।
जानकारी के अनुसार पहलू कांड में अभी तक पुलिस द्वारा सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनका नाम कालूराम, रविन्द्र यादव, विपिन यादव, दयाराम व नीरज है। इनमें एक नाबालिग भी शामिल है।
जांच एजेंसी ने कहा कि इस कारण दी गई क्लीनचिट
बहरोड़ गौ—रक्षक मामला।
घटना के बाद राज्य सरकार ने यह स्पष्ट भी किया था कि इन लोगों के पास गौवंश को ले जाने के कोई वैध पेपर नहीं थे। वहीं घटना के वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने कई लोगों को आरोपी बनाया था।
जांच एजेंसी के अनुसार जांच के तहत घटना के दिन इन लोगों की मोबाइल लोकेशन किसी अन्य स्थान की थी। साथ ही राठ गौशाला के कर्मचारियों के बयान को भी आधार क्लीन चिट के लिए बनाया गया है।