तीन तलाक को लेकर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के पर मुस्लिम समाज बंटता नजर आ रहा है। कुछ इस फैसले को स्वागत कर रहे है वहीं कुछ ऐसे भी जो इसे इस्लाम के खिलाफ बता रहे है।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को तीन तलाक के मुद्दे पर अपना अहम निर्णय सुना दिया। पांच सदस्यीय कमेटी ने इसे असंवैधानिक करार दिया है। यह फैसला आने के बाद ख्वाजा साहब की दरगाह की अंजुमन कमेटी के मौलाना सैयद मुसव्वीर चिश्ती ने कहा कि हालांकि इस्लाम में भी तीन तलाक को सबसे बुरा बताया गया है, लेकिन यही एक ऐसा जरिया था जिसके जरिए आदमी और औरत अलग हो सकते थे।
उन्होंने कहा कि कई महिलाएं आज भी पति के खिलाफ झूठी शिकायतें करके उन्हें प्रताड़ित कर रही है। ऐसे मे तलाक देकर ऐसी महिलाओं से पीछा छुड़वाया जा सकता था।