अमूमन शादी के दौरान दुल्हा ही घोड़ी पर सवार होकर दुल्हन को ब्याहने के लिए निकलता है। लेकिन राजस्थान में कुछ क्षेत्र ऐसे है जहां शादी से एक दिन पूर्व दुल्हन भी घोड़ी पर सवार होती है और उसकी बिंदौली निकाली जाती है।
लेकिन बीती रात मेवाड़ के पाली जिले के एक गांव में जब दलित समाज की एक लड़की बिंदौली के लिए घोड़ी पर सवार हुई तो दबंगों की ओर से इसके विरोध की आशंका थी। जिसके चलते दुल्हन के परिजनों ने पुलिस प्रशासन को इस सबंध में सूचना दी थी।
इसके बाद कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच दुल्हन की गांव में बिंदौली निकाली गई। वहीं आज सुबह इस दुल्हन की बारात आनी है और किसी प्रकार का विरोध नहीं हो इसके लिए सोमवार सुबह भी पुलिस-प्रशासन ने बारात के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
इससे पूर्व रविवार को गुढा दुर्जन गांव के ढगलाराम ने पुलिस प्रशासन को शिकायत दी थी कि उसकी पुत्री लीला की शादी तीन जुलाई को है, इससे पूर्व रविवार शाम को बिंदौली निकलनी है। लेकिन गांव के दबंग विरोध कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने सुरक्षा उपलब्ध कराई थी।