जीएसटी में मार्बल पर लगाए गए 28 प्रतिशत टैक्स के विरोध में किशनगढ़ की मार्बल मण्डी में अनिश्चितकालीन हड़ताल आज भी जारी रही। इसके चलते मार्बल मण्डी सुनसान नजर आई। मार्बल व्यवसायियों ने आज बैठक कर आंदोलन को तेज करने की रणनीति बनाई है।
किशनगढ़ मार्बल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश टांक ने बताया कि पहले जहां 2 प्रतिशत सीएसटी और 5 प्रतिशत आरएसटी लगता था, वहीं अब 14 प्रतिशत सीजीएसटी और 14 प्रतिशत आरजीएसटी मार्बल उद्योग पर लगाया जा रहा है। इतना टैक्स बढ़ने से मार्बल उद्योग पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान के 22 जिलों में यह उद्योग फैला हुआ है। इस उद्योग से पांच लाख परिवार और 25 लाख लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। टांक ने कहा कि अनिश्चितकालीन हड़ताल से व्यापारियों के साथ ही मजदूरों के भी भूखे मरने की नौबत आ जाएगी। उन्होंने कहा कि आज हुई बैठक में व्यापारियों ने सोमवार को विशाल रैली निकालकर कर भवन का घेराव करने का निर्णय किया है। उन्होंने बताया कि राजस्थान के साथ ही गुजरात ने भी अनिश्चितकालीन हड़ताल में समर्थन दिया है।