एक ओर जहां सीबीआई बहुचर्चित भंवरी देवी हत्याकांड की मुख्य साजिशकर्ता इंद्रा विश्नोई को ढूंढने में जी-जान से जुटी थी, वहीं दूसरी ओर इंद्रा मध्य प्रदेश के देवास में गीता बाई के नाम से फरारी काट रही थी। यहां के लोग उसे जीजी के नाम से भी पुकारते हैं।
सीबीआई द्वारा काफी प्रयासों के बाद भी नहीं मिलने पर भंवरी देवी हत्याकांड की मुख्य साजिशकर्ता इंद्रा विश्नोई का पता बताने वालों को पांच लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। लेकिन अब जाकर वह एटीएस के हत्थे चढ़ी है। इंद्रा को अब सीबीआई को सौंप दिया गया है। इंद्रा को शनिवार को सीबीआई जोधपुर ले आई। इंद्रा विश्नोई पर भंवरी देवी के अपहरण व हत्या की साजिश रचने का आरोप है। एटीएस से जुड़े सूत्रों के अनुसार पिछले करीब छह वर्ष से इंद्रा विश्नोई मध्य प्रदेश के देवास में नर्मदा के तट पर रह रही थी। यहां वह अपने रिश्तेदारों के पास थी।
जानकारी के अनुसार जब शुक्रवार को एटीएस ने जब इंद्रा विश्नोई को गिरफ्तार किया तब वह ओंकारेश्वर जाने की तैयारी में थी। वह देवास में ही शिवलिंग स्थापना की भी तैयार कर रही थी। वहीं दूसरी ओर सीबीआई इंदिरा विश्नाई को पकड़ने के लिए पांच लाख के ईनाम की घोषणा के साथ उसके मकान को कुर्क करने का भी प्रयास कर चुकी थी। लेकिन इंद्रा विश्नोई हाथ लगी एटीएस की टीम को।
एटीएस व राजस्थान पुलिस के साथ स्थानीय पुलिस भी इस आॅपरेशन में सम्मलित थी। इससे पूर्व इंद्रा विश्नोई से जब वर्ष 2011 में सीबीआई ने पूछताछ की थी तब उसने कहा कि अगर मैने मुंह खोला तो कई नेता फंसेंगे। करीब छह वर्ष से फरार इंद्रा विश्नोई देवी हत्याकांड में एक पूर्व मंत्री, एक पूर्व विधायक सहित 13 से ज्यादा लोग जेल में बंद है। यहीं नहीं भंवरी देवी का पति अमरचंद भी आरोपी है और जेल में बंद है।