राजस्थान में सियासी संकट के बीच महेश जोशी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, हमने अजय माकन से कहा था कि हमारी राय आप आलाकमान तक पहुचा दें, परंतु अजय माकन बोले कि पहले एक लाइन का विधायक पास होगा, फिर आपकी राय आलाकमान तक पहुंचाई जाएगी। महेश जोशी बोले कि मुख्यमंत्री गहलोत ने किसी को भी नहीं कहा कि विधायक क्या करें, इसलिए मुख्यमंत्री गहलोत का इससे कोई लेना-देना नहीं है।
महेश जोशी ने बताया, विधायक दल की बैठक में किसी राय शुमारी का जिक्र नहीं था, परंतु रात को जब हम अजय माकन से मिलने पहुंचे, तब अजय माकन ने कहा कि हमें राय शुमारी करनी है। महेश जोशी बोले कि हमने कहा कि अभी आप सब से मिल लें और जिसको अलग से मिलना है, वो भी मिल सकते हैं।
महेश जोशी बोले कि हमारी निष्ठा अशोक गहलोत के माध्यम से आलाकमान से है और रहेगी। जोशी बोले कि हमारी कोई भी शर्तें नहीं थी, हमने अजय माकन से कहा था कि हमारी बात आलाकमान तक पहुचा दें परंतु वो तैयार नहीं थे।
महेश जोशी बोले कि अगर आलाकमान नोटिस जारी करता है तो हम उसका जवाब देंगे और अपनी पूरी बात आलाकमान तक पहुंचाएंगे। महेश जोशी ने स्पष्ट कर दिया कि अगर मुख्यमंत्री बदला जाता है तो वो 102 विधायकों मैं से ही होना चाहिए। ये हमारा हक है और अधिकार है, गहलोत हमारे अभिभावक हैं और रहेंगे।