भागवत कथा का आयोजन और उसमें लोगों की सुरक्षा करने के लिए तैनात होंगे लंगूर। जी हां, अजीब सी लगने वाली यह बात सच है।
लंगूर उन बंदरों पर लगाम लगाएंगे जो लोगों के लिए परेशानी का सबब बनते हैं। दरअसल, राजस्थान के भरतपुर में कामां कस्बे में ब्रज चौरासी कोस की परिक्रमा में आठ दिनों तक भागवत कथा का आयोजन होगा। अब बंदरों पर लगाम कौन लगाए, इस सवाल के जवाब में लंगूरों का नाम ध्यान आया। कथा सुनने के लिए जो भक्त आएंगे उनकी व सामान की सुरक्षा के लिए चार बंदरों को तैनात किया गया है।
ऐसा कहा जाता है कि जहां लंगूर होते है वहां बंदर नहीं आते है। लंगूर बंदर की तुलना कम खतरनाक होते है। कामां में बंदरों की काफी समस्या है। यहां बंदर राह चलते लोगों का सामान तक ले भागते है।