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जयपुर के लवनीश को मिला न्यूयार्क एकेडमी ऑफ साइंसेज में मौका

Tue, 02 May 2017 07:49 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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न्यूयार्क एकेडमी ऑफ साइंसेज - फोटो : अमर उजाला
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न्यूयार्क एकेडमी ऑफ साइंसेज की ओर से 200 वीं सालगिरह पर दुनियाभर के वैज्ञानिकों को बुलाया गया है। इसमें राजस्थान के सोलह वर्षीय छात्र लवनीश भारद्वाज को भी शामिल किया गया है।  लवनीश भारद्वाज को रोबोट आधारित कुपोषण दूर करने की परियोजना पर काम करने के लिए बुलाया गया है ।
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लवनीश 8 व 9 मई की न्यूयार्क यात्रा के दौरान प्रसिद्ध जापानी अमरीकी वैज्ञानिक बूरस तोयोमा इस परियोजना को अंतिम रूप देने में मदद करेंगे। दिल्ली पब्लिक स्कूल, जयपुर की कक्षा 11वीं के विज्ञान संकाय के विद्यार्थी लवनीश भारद्वाज ने एक ‘लेब-ऑन-चिप’ तकनीक के माध्यम से रोबोट द्वारा मनुष्यों के थूक के विश्लेषण से ‘बायो-मार्कर’ की पहचान कर पोषक तत्वों की कमी को स्थानीय खान-पान के माध्यम से दूर करने का तरीका सुझाया है।  इस परियोजना की मुख्य विशेषता यह है कि इसमें मनुष्य के खून का नमूना लिए बिना ही उनके सिर्फ ‘थूक’ के विश्लेषण से ही कुपोषण की पहचान हो सकेगी। यह प्रयोग विशेष तौर पर बच्चों में कुपोषण दूर करने में मील का पत्थर सिद्ध होगा क्योंकि खून का नमूना लेने से बच्चों को बहुत तकलीफ होती है।

उल्लेखनीय है कि लवनीश भारद्वाज ने एक रोबोट आधारित परियोजना ‘फूड फोर्ट रोबो’ तैयार कर जूनियर सार्इंस एकेडमी, न्यूयार्क के ‘चैलेंज 2030’ कार्यक्रम के लिए भेजी थी। इस परियोजना को संयुक्त राष्ट्र संघ के वर्ष 2030 हेतु निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए एक अत्यन्त उपयोगी परियोजना मानते हुए उनकी न्यूयार्क यात्रा का सम्पूर्ण खर्च वहन करने की छात्रवृत्ति उन्हें प्रदान की गई है।
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शिक्षामंत्री वासुदेव देवनानी ने लवनीश भारद्वाज को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विश्व के नोबल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिकों के साथ राजस्थान के विद्यार्थी को आमंत्रण से प्रदेश गौरवान्वित हुआ है। देवनानी ने लवनीश तथा उसके माता-पिता को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। लवनीश के पिता डॉ. आशुतोष भारद्वाज खान एवं भू-विज्ञान विभाग, राजस्थान सरकार में अधीक्षण भू-वैज्ञानिक हैं तथा उनकी माता डॉ. अंशू, एसोसिएट प्रोफेसर (अर्थशास्त्र), राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर में कार्यरत हैं।
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