अजमेर के जिला सेशन न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें जिला एवं सेशन न्यायाधीश विष्णुदत्त शर्मा ने चार साल से जुदा पति-पत्नी को फिर एक सूत्र में बांध दिया। उन्होंने महिला को अपनी बेटी बनाकर उसका खयाल रखने की उसके पति को सलाह भी दी। लोक अदालत में कुल 1105 प्रकरणों का निस्तारण किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राकेश गोरा ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में 12 हजार केसेज चिन्हित किए गए। इसमें से 1105 का निस्तारण करवा दिया गया। लोक अदालत में न्यायिक अधिकारियों के साथ ही अधिवक्ताओं का भी पूरा सहयोग मिला। इसके कारण दोनों पक्षों में राजीनामा करवाकर पिछले कई सालों से चल रहे विवादों का निपटारा करवाया गया। गोरा ने बताया कि चार साल से एक पत्नी ने अपने पति पर केस दर्ज करवा रखा था। जिसमें घरेलू हिंसा सहित कई अन्य थे।
शनिवार को लोक अदालत में दोनों को पारिवारिक न्यायालय के न्यायाधीश, डीजे शर्मा सहित अन्य ने समझाइश की। इससे दोनों मान गए। डीजे शर्मा ने दोनों को माला देकर एक दूसरे को पहनाने को कहा। इसके बाद उन्होंने पति को सलाह भी दी।