कोविड पॉज़िटिव आई बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के संपर्क में आए नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ के दिल्ली दौरे से हड़कंप मचा हुआ है। पीएमओ से लेकर लोकसभा कार्यालय, केंद्रीय रक्षा मंत्रालय, उपराष्ट्रपति कार्यालय, कानून मंत्रालय तक राठौड़ के दौरे से चिंता बढ़ गई है।
अब सवाल ये खड़ा हो गया कि जब राठौड़ राजस्थान बीजेपी मुख्यालय में वसुंधरा राजे के समक्ष संपर्क में आ चुके थे, तो वे दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय विधि और न्याय मंत्री किरण रिजिजू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ समेत कई वरिष्ठ बीजेपी नेताओं से मुलाकात करने दिल्ली क्यों गए?
दरअसल रविवार को बीजेपी मुख्यालय जयपुर में विधायक दल और कोर कमेटी की बैठक के बाद सोमवार को वसुंधरा राजे की कोविड जांच रिपोर्ट पॉज़िटिव आ गई थी। रिपोर्ट मिलते ही राजे ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर ट्वीट कर संपर्क में आए सभी लोगों को खुद की जांच करवाने और सावधानी बरतने की अपील की थी। इसकी जानकारी होने के बाद भी राठौड़ दिल्ली दौरे पर गए। जहां उन्होंने पीएम मोदी, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़, लोकसभाध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्रियों- राजनाथ सिंह, भूपेंद्र यादव, कैलाश चौधरी, अर्जुन राम मेघवाल, किरण रिजिजू, वरिष्ठ नेता और केंद्रीय चुनाव समिति सदस्य ओम प्रकाश माथुर, सांसद करोड़ी लाल मीणा, राजेंद्र गहलोत से मुलाकात की थी।
पीएमओ में हलचल, दिल्ली क्यों आए राठौड़
बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कोरोना पॉजिटिव होने की खबर के बाद जयपुर से दिल्ली पीएमओ तक हड़कंप मचा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक अब पीएमओ कार्यालय के यह पूछा जा रहा है कि जब राठौड़ को पता था कि वसुंधरा राजे कोरोना पॉजिटिव हैं, तो वे दिल्ली क्यों आए।
राजेंद्र राठौड़ से मुलाकात करने वाले लोगों को करानी होगी जांच
राजेंद्र राठौड़ ने दिल्ली में जिन-जिन नेताओं से मुलाकात की है उन्हें भी अब कोरोना की जांच करानी होगी या खुद को आइसोलेट करना होगा। क्योंकि वो कोविड पॉज़िटिव रोगी की कॉन्टेक्ट चेन (संपर्क श्रृंखला) में आ गए हैं। नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ को भी कोरोना की जांच कराकर चेक करना होगा कि कहीं वह कोरोना पॉजिटिव तो नहीं हैं। हालांकि कोविड रोगी के संपर्क में आने के बाद वायरस एक्टिवेट होने और लक्षण उभरने में भी 3 से 8 दिन तक का समय लग सकता है। ऐसे में बीजेपी नेताओं में इस बात की सूचना के बाद से चर्चाएं हैं कि संपर्क में आए नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी अपनी-अपनी जांच करा लेनी चाहिए। यदि वे पॉज़िटिव हुए, तो उनके ज़रिए अन्य लोगों और उनके परिवारों तक भी कोविड पहुंच सकता है।