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सीनियर मोदी की बंदूक, जूनियर मोदी का कंधा, निशाने पर बीसीसीआई

Sat, 01 Apr 2017 08:18 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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फाइल फोटो - फोटो : Internet
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इन दिनों राजस्थान में क्रिकेट की चर्चाएं ठीक उसी तरह गरम हैं, जैसा एक दशक पहले थीं। पहले सीनियर मोदी को लेकर बातें हो रही थीं और अब जूनियर मोदी को लेकर। मनी लाउंड्रिंग के आरोपी और देश के बाहर बैठे पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी अपने बेटे रुचिर मोदी के जरिए राजस्थान की क्रिकेट की राजनीति में लगातार दखल बढ़ा रहे हैं। लेकिन निशाना कहीं और ही है। स्थितियों को देखकर कहा जा सकता है कि अभी बंदूक ललित मोदी के हाथों में है, कंधा रुचिर का इस्तेमाल हो रहा है और निशाने पर है बीसीसीआई।
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अपने बेटे रूचिर मोदी को अलवर जिला क्रिकेट संघ से चुनाव लड़वाने वाले पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी पर अब आरोप लग रहे हैं कि वे अपने पुत्र को बीसीसीआई में अपनी प्रॉक्सी की तरह इस्तेमाल करना चाहते हैं। एक तरफ ललित मोदी बैंकॉक में बैठे-बैठे अपने बेटे के लिए आरसीए (राजस्थान क्रिकेट एकेडमी) से चुनाव लड़ाने का ग्राउंड तैयार करवा रहे हैं और दूसरी ओर कह रहे हैं कि वे चाहते हैं कि उनका बेटा चुनाव हार जाए। इधर, रूचिर का कहना है कि वे अपने पिता की प्रॉक्सी नहीं हैं और उनके पास अपना एक अलग विजन है।

मोदी और रूचिर की इन बातों से मोदी विरोधी खेमे को यह लग रहा है कि मोदी की मंशा अपने बेटे को आरसीए चुनाव जिताकर बीसीसीआई में उनकी प्रॉक्सी के रूप में स्थापित करने की है, ताकि एक बार फिर से भारतीय क्रिकेट में मोदी राज की स्थापना हो सके।
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सवाल जो सीनियर—जूनियर मोदी की कथनी और करनी में बता रहे अंतर

1. चुनाव नहीं जिताना चाहते तो रूचिर को अलवर से क्यों लड़ाया चुनाव?

ललित मोदी अगर ये कहते हैं कि वे अपने बेटे को आरसीए चुनावों में हारते हुए देखना चाहते हैं, तो उन्होनें उसे अलवर जिला क्रिकेट संघ से चुनाव ही क्यों लड़वाया? जबिक रूचिर ने भी जयपुर आकर राजस्थान के विभिन्न जिला क्रिकेट संघों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की।

2. अगर आरसीए चुनाव हराना ही चाहते हैं तो उम्मीदवार ही क्यों बनाया?

यदि मोदी की इच्छा रूचिर को आरसीए चुनाव में हारते देखने कि है तो उन्हें अलवर जिला क्रिकेट संघ से चुनाव लड़वाया ही क्यों? जानकारों की मानें तो क्रिकेट की दुनिया में सीनियर मोदी अपनी ही तरह जूनियर मोदी की एंट्री भी ठीक वैसे ही कराना चाहते हैं, जैसा उन्होनें खुद नागौर जिला क्रिकेट संघ का अध्यक्ष बनकर की थी।

3. पिता की प्रॉक्सी नहीं, तो जूनियर मोदी धीरे-धीरे सीनियर की तरह क्यों ले रहे हैं एंट्री?

रूचिर मोदी कहते हैं कि वे अपने पिता की प्रॉक्सी नहीं हैं, लेकिन राजस्थान से ठीक अपने पिता की तरह एंट्री कुछ और ही कह रही है। रुचिर ने तो अलवर जिला क्रिकेट संघ से चुनाव लड़ने के लिए नियम कायदों को संतुष्ट करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाया।
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