भाजपा की सरकार वाले इस प्रदेश से एनडीए प्रत्याशी रामनाथ कोविंद को उम्मीद से कम मत मिले, तो यूपीए की प्रत्याशी मीरा कुमार को उम्मीद से ज्यादा। यहां कांग्रेस का कोविंद के वोटों में सेंध लगाने का दावा सही साबित हो गया। हालांकि इन मतों का दोनों उम्मीदवारों की जीत-हार को लेकर कोई योगदान नहीं रहा।
हम बात कर रहे हैं राजस्थान की, जहां पिछले दिनों पहुंचकर दोनों उम्मीदवारों ने उनके पक्ष में वोट डालने की अपील की थी। मीरा कुमार की अपील ने उन्हें उम्मीद से ज्यादा मत दिलवाए, तो कोविंद को उम्मीद से कम मत मिले हैं। जानकारी के अनुसार कांग्रेस का दावा था कि राजस्थान से मीरा कुमार को 29 वोट मिल जाएंगे, लेकिन उन्हें उम्मीद से ज्यादा 34 वोट मिल गए।
इधर, भाजपा का दावा था कि भाजपा और निर्दलियों के मत मिलाकर कोविंद को राजस्थान से 171 वोट मिलेंगे, लेकिन लेकिन ये दावा सच्चा साबित नहीं हो सका। कोविंद को 166 मत ही मिल पाए। मतों को लेकर भाजपा का गणित यहां खरा नहीं उतरा।