देश मे अमन-शांति और एकता के लिए निकाली जा रही 'कारवां-ए-मोहब्बत' रैली आज ख्वाजा की नगरी पहुंची। यहां विभिन्न संगठनों की ओर से रैली में आए सदस्यों का स्वागत किया गया। रैली के सदस्यों ने शहर में भी रैली निकाली और सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में पर हाजिरी दी और देश में अमन चैन के लिए दुआ मांगी।
देश के प्रत्येक शहर, प्रान्त और राज्य में धर्म और जाति के नाम पर हो रहे फसाद के विरोध में ‘कारवां-ए-मोहब्बत’ रैली निकाली जा रही है। रैली पूर्व आईएएस अधिकारी हर्ष के नेतृत्व में आज अजमेर पहुंची। इस अवसर पर अजमेर शहर में विशाल रैली का आयोजन किया गया और सर्वधर्म समभाव का संदेश दिया गया। पीयूसीएल के राज्य उपाध्यक्ष डी.एल.त्रिपाठी व महासचिव डॉ.अनंत भटनागर ने बताया कि यह यात्रा उन उन परिवारों से मिलकर दर्द बांटने के लिए और मानवता का पैगाम संचार करने के लिए आयोजित की जा रही है, जिन्होंने अपनों को भीड़ द्वारा हिंसा में खोया है।
रैली डांगावास भी जाएगी, जहां भीड़ ने दलित परिवार के 6 लोगों की हत्या हुई थी। अजमेर में कारवां-ए-मोहब्बत रैली गंज स्थित सन्यास आश्रम से शुरू हुई जो ख्वाजा साहब की दरगाह पर सम्पन्न हुई। रैली में सभी धर्मों के प्रतिनिधि और विभिन्न संगठनों के लोग मौजूद रहे। रैली के ख्वाजा साहब की दरगाह पर पहुंचने पर अंजुमन की ओर से सभी की दस्तारबंदी कर इस्तकबाल किया गया।