बेटियों के टुकड़े होने से बचाना है तो संस्कारवान बनाओ
अनिरुद्धाचार्य महाराज ने आगे माता-पिता को भी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि यदि बेटियों को 35 टुकड़े होने से बचाना है तो उन्हें संस्कारवान बनाओ। बच्चे करना बड़ी बात नहीं है। बच्चे तो जानवर भी पैदा कर लेते हैं। उन्हें संस्कार देना बड़ी बात होती है। इसमें गलती माता-पिता की भी है, जो बच्चों को संस्कारित नहीं करते। इसलिए बेटियों को पढ़ाने- लिखाने के साथ संस्कारी भी बनाएं। जिससे समाज में कुरीतियों का अंत किया जा सके, नहीं तो ऐसे खौफनाक दृश्य देखने को मिलते रहेंगे।
बता दें कि जयपुर में गोविंदी देवी इंदरलाल डेरेवाला मेमोरियल चेरिटेबल ट्रस्ट और श्रीगौ गौरी गोपाल सेवा संस्था समिति के तत्वावधान में भागवत कथा का आयोजन किया गया। जिसमें कथा व्यास वृंदावन धाम के अनिरुद्धाचार्य महाराज ने भागवत कथा का वाचन किया। स्व. इंदरलाल डेरेवाला की 25वीं पुण्यतिथि की स्मृति में कथावाचन का आयोजन किया गया।