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पद्मावती विवाद: 'मैं भी हूं वंशज, न देखूंगा और न सिनेमा हॉल में लगने दूंगा फिल्म'

Thu, 23 Nov 2017 12:21 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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फाइल फोटो।
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निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली की विवादित फिल्म 'पद्मावती' को लेकर महारानी पद्मिनी देवी और राणा रतन सिंह के वंशज लोकेन्द्र सिंह कालवी अपना सख्त रुख अपनाए हुए हैं।
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कालवी ने आज अमर उजाला से बातचीत में कहा है कि वे उस घराने के 37वें वंशज हैं और संजय लीला भंसाली द्वारा यदि रिलीज से पहले फिल्म देखने के लिए बुलाया जाता है, तो वे इस फिल्म को नहीं देखेंगे। उन्होंने चेतावनी भी दी है कि वे न तो फिल्म को देखेंगे और न ही फिल्म को किसी भी सूरत में सिनेमाघरों में लगने देंगे। कालवी करणी सेना के संस्थापक हैं और फिलहाल संरक्षक के पद पर हैं।

उन्होंने कहा कि निर्माताओं के साथ फिल्म को लेकर करणी सेना का समझौता होने जैसी स्थिति या कोई गुंजाइश है ही नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि समझौते या फिल्म देखने की बात तभी खत्म हो गई थी, जब भंसाली ने उनके साथ हुए करार को तोड़ा था। अब बात काफी आगे बढ़ चुकी है।
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ये थीं करार की शर्तें, जो टूट गईं - कालवी

padmavati
कालवी ने कहा कि जयपुर में शूटिंग के समय जब संजय लीला भंसाली के साथ विवाद हुआ था, तब उनकी ओर से एक करार किया गया था। करार के तहत फिल्म के प्रमोशन या ट्रेलर से पहले वे हमें विश्वास में लेंगे। रिलीज करने से पहले फिल्म करणी सेना के प्रतिनिधियों, समाज शास्त्रियों, इतिहासकारों आदि की कमेटी बनाकर पहले दिखाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि लेकिन एेसा कुछ भी नहीं हुआ। फिल्म का ट्रेलर और गाने रिलीज कर दिए गए। गौरतलब है कि कालवी देश भर में घूमकर इस फिल्म के विरोध में प्रचार कर रहे है। इसी का परिणाम है कि उन्हें अधिकतर समाजों का समर्थन भी मिल रहा है।

वहीं राजस्थान सहित देश के अलग-अलग राज्यों में लगातार फिल्म के विरोध में प्रदर्शन जारी है। जबकि चार राज्यों में पद्मावती फिल्म रिलीज होने से पूर्व ही बैन की जा चुकी है। इसमें यूपी, एमपी, पंजाब व गुजरात सम्मलित है। इसके अतिरिक्त कई राज्यों के अदालतों में फिल्म रिलीज व भंसाली के विरोध में परिवाद दर्ज कराए गए है।
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