शेट्टी कमीशन की सिफारिशों को लागू नहीं करने पर प्रदेश की निचली अदालतों के न्यायिक कर्मचारियों का आंदोलन जारी है। बुधवार को विधि विभाग की ओर से कर्मचारी संघ को पत्र भेजकर पदों का अपग्रेडेशन, वर्गीकरण और अतिरिक्त वेतन वृद्धि की जानकारी दी गई।
पत्र को भ्रामक बताते हुए संघ ने कहा कि ये सभी विचाराधीन प्रस्ताव है। गत वर्ष इसी प्रकार के पत्र के आधार पर कर्मचारियों ने आंदोलन स्थगित किया था, लेकिन सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। ऐसे में राज्य सरकार ने एक बार फिर कर्मचारियों को धोखा देने के लिए इस तरह का पत्र जारी किया है।
राजस्थान न्यायिक कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री और जयपुर शाखा के अध्यक्ष बद्रीलाल चौधरी ने बताया कि गुरुवार से आंदोलन को तेज करते हुए क्रमिक अनशन आरंभ किया जाएगा। जिसमें प्रत्येक जिला मुख्यालय पर रोजाना तीन से पांच कर्मचारी अनशन पर रहेंगे।