रेलवे प्रशासन यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के दावे तो करता है लेकिन हकीकत कुछ और ही है। हाल ही में जोधपुर जिला उपभोक्ता संरक्षण मंच ने रेलवे पर 30 हजार रुपए जुर्माना लगाया है।
दरअसल जोधपुर निवासी सुनील भण्डारी ने परिवाद दायर की थी कि फरवरी माह में जयपुर से जोधपुर की यात्रा के दौरान उन्हें ट्रेन में जो बैडिंग मिली थी वह काफी गंदी थी। इसकी शिकाय जब उन्होंने टीटी से करनी चाही तब वह भी ट्रेन में मौजूद नहीं था।
परिवादी सुनील छह फरवरी को जयपुर—जोधपुर सुपरफास्ट में तृतीय श्रेणी के डिब्बे मे सफर कर रहा था। उसके बाद सुनील ने सहयात्री की मदद से रेलवे की एप पर शिकायत दर्ज कराई।
इसके बाद टीटी उनके पास तो आया लेकिन समस्या का पूर्ण समाधान नहीं हुआ। परिवाद दायर करने के बाद जब रेलवे को नोटिस दिया गया तो रेलवे की ओर से भी मंच के समझ उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद मंच ने परिवाद मंजूर करते हुए 30 दिन के भीतर उत्तर—पश्चिम रेलवे को निर्देश दिए है कि परिवादी को 30 हजार रुपए का जुर्माना अदा करें।