एक सेशन में चर्चा के दौरान फिल्म डायरेक्टर विशाल भारद्वाज
साहित्य के महाकुंभ में आज दूसरे दिन फिल्म पद्मावत को लेकर के आज डायरेक्टर विशाल भारद्वाज ने हिंसक प्रदर्शनों की कड़ी निंदा की। भारद्वाज ने जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के दौरान मीडिया से बातचीत में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद लोगों ने सड़कों पर हिंसक प्रदर्शन किया जो कि मेरी नजर में बिल्कुल गलत है।
उन्होनें कहा कि करोड़ों लोगों ने जिस सरकार को चुना है उसी सरकार ने सेंसर बोर्ड को चुना बनाया है और उसके प्रतिनिधियों को नियुक्त किया है ऐसे में फिल्म को रिलीज करने का फैसला भी बोर्ड द्वारा ही लिया गया है। उन्होनें आगे कहा कि यदि लोगों को सेंसर बोर्ड का फैसला उचित नहीं लगता तो वो सरकार बदल सकते हैं।
भारद्वाज ने इस दौरान राज्य सरकारों को भी जमकर कोसा, उन्होनें कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म को रिलीज करने के आदेश दे ही दिए थे तो फिर सरकारों ने क्यों अपने अपने प्रदेशों कानून व्यवस्था बनाने की कोशिशें की। बता दें कि आज फिल्म डायरेक्टर विशाल भारद्वाज का जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में 'रिवॉल्यूशनरी पोएट्स ऑन हेमलेट, हैदर एंड शेक्सपीयर्स एबिलिटी टू स्पीक ट्रूथ टू पॉवर' नामक सेशन था जिसमें उन्होनें अपनी फिल्म हैदर और शेक्सपीयर पर प्रिती तनेजा के साथ बातचीत की।