आरक्षण की मांग को लेकर भरतपुर और धौलपुर के जाट समाज ने आंदोलन तेज कर दिया है। आंदोलनकारियों द्वारा तोड़फोड़ और आगजनी की भी घटनाएं सामने आ रही हैं। भरतपुर में 30 जून तक धारा 144 लागू कर दी गई है।
भरतपुर का रेल और सड़क यातायात से सम्पर्क टूट गया है। कई सड़कों पर आगजनी कर यातायात को रोका गया है, तो बसों के साथ तोड़फोड़ की है। एनएच 11 पर भी पूरी तरह आवागमन पूरी तरह ठप है।
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आंदोलनकारी जगह-जगह ट्रैक पर जमा हो गए हैं, वहीं भरतपुर-आगरा, भरतपुर-जयपुर, भरतपुर-अलवर सहित हाईवे जाम कर दिए गए हैं। धौलपुर-भरतपुर जाट आरक्षण संघर्ष समिति का ये आंदोलन शुक्रवार से शुरू होना था, लेकिन इसे एक दिन पूर्व बृहस्पतिवार से ही शुरू कर दिया गया था। अब शुक्रवार सुबह के बाद आंदोलन और उग्र हो गया।
जयपुर-आगरा रेलवे ट्रैक को भी शुक्रवार सुबह आंदोलनकारियों ने जाम कर दिया। साथ ही आंदोलनकारियों ने कोटा-दिल्ली ट्रैक ठप कर दिया। अब ट्रेनों को आगरा होते हुए निकाला जा रहा है। आंदोलनकारियों ने अलवर-मथुरा रेलवे ट्रैक को दो दिन से जाम कर रखा है। साथ ही, आंदोलनकारियों ने भरतपुर-जयपुर हाईवे पर भी जगह-जगह जाम लगने शुरू कर दिए हैं।
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भरतपुर से निकलनेवाला रेलवे ट्रैक राजस्थान को यूपी के अतिरिक्त बिहार व पश्चिम बंगाल तक जोड़ता है। एेसे में हजारों यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
इधर, रोजवेज बसों का संचालन भी भरतपुर में बंद हो गया है। भरतपुर जानेवाली बसें महुआ तक ही जा रही हैं। आंदोलनकारियों ने शुक्रवार को भरतपुर बंद का भी आह्वान किया है। जिसे जिले के व्यापारी संघ के साथ जिला कांग्रेस कमेटी का भी समर्थन प्राप्त है। शुक्रवार सुबह भरतपुर के तबरेल स्टेशन पर आंदोलनकारियों ने मालगाड़ी को रोककर प्रदर्शन किया।
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गौरतलब है कांग्रेस विधायक व आरक्षण संघर्ष समिति के संरक्षक विश्वेन्द्र सिंह के नेतृत्व में जाट समाज आंदोलन की राह पर हैं। समिति का आरोप है कि अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने रिपोर्ट सीएम राजे का सौंप दी है, लेकिन सीएम ने अभी तक इसमें आगे कार्रवाई नहीं की है।
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आंदोलनकारियों के अनुसार जब तक रिपोर्ट पर कार्रवाई नहीं की जाएगी आंदोलन जारी रहेगा। वहीं आंदोलन को देखते हुए भरतपुर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया हैं साथ ही आंदोलनकारियों के साथ समझाइश का दौर भी जारी है।