13 मई 2008 को जयपुर में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद पीड़ित परिवार हिम्मत हार चुके थे। सभी के सपने मानो टूट गए हो। खास तौर पर तब जब सवाल बच्चों की पढ़ाई का आया। ऐसे में राजस्थान विवि के एक कदम ने उस समय उन परिवारों को राहत दी। इस बम ब्लास्ट में पीड़ितों व उनके आश्रितों को विवि में न्यूनतम योग्यता के आधार प्रवेश देने की पहल की गई।
कई परिवारों की तरह मोहसीन अहमद और शहजाद अहमद के सामने भी एक सवाल था कि अब क्या होगा। उनके इस सवाल का जवाब भी विवि की यही पहल बनकर आई। दोनों को विवि में प्रवेश मिला। दोनों ने मन लगाकर पढ़ाई की। नियति की क्रूरता से पार पाने की कोशिश की। पहले राजस्थान विवि से बीए पूरा किया और फिर विधि महाविद्यालय में प्रवेश ले लिया। वहां अच्छे अंकों से डिग्री पूरी की। अब दोनों ही राजस्थान हाईकोर्ट में अधिवक्ता के रूप में काम करने रहे हैं। ये तो बस इन दो की कहानी है, ऐसे कई और भी उदाहरण हैं। इनमें प्रियंका शर्मा और नेहा यादव का भी नाम शामिल हैं, जिन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की।