जगन गुर्जर बरी होने बाद सीधे पूजा करने पहुंचा
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करीब साढ़े आठ साल से जेल में बंद डकैत जगन गुर्जर को डकैती प्रभावित क्षेत्र विशेष न्यायालय ने गुरुवार को पुलिस से मुठभेड के मामले में दोषमुक्त कर दिया। प्रकरण में पुलिस घटनाक्रम के सम्बंध में पुख्ता सबूत पेश नहीं कर पाई। विशेष न्यायाधीश सुरेश प्रकाश भट्ट ने पुलिस की मुठभेड़ फर्जी मानते हुए संदेह के आधार पर जगन गुर्जर को दोषमुक्त कर दिया।
जगन गुर्जर के खिलाफ करीब 70 मामले दर्ज थे। इनमें 68 में वह पहले ही बरी हो चुका है, जबकि एक मामले में बाड़ी की कोर्ट ने उसे सजा सुनाई थी। बाद में उक्त प्रकरण में उसे हाई कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। जगन गुर्जर (38) पुत्र शिवचरण गुर्जर बसईडांग क्षेत्र के गांव भवूतीपुरा का निवासी है। उसके 4 लडक़े हैं। जगन गुर्जर की पैरवी कर रहे अधिवक्ता ओमवीर सिंह गुर्जर ने बताया कि विशेष न्यायालय (डकैती प्रभावित क्षेत्र) में न्यायाधीश भट्ट ने सुनवाई की। पुलिस उसके खिलाफ कोई सबूत पेश नहीं कर सकी। रिहा होने के बाद जगन गुर्जर सीधे गांव में बाबू महाराज के थूम पर गया और परिवार के साथ पूजा अर्चना की।
गौरतलब है कि जगन गुर्जर ज्यादा चर्चा में गुर्जर आरक्षण के दौरान तब आया जब उसने सीएम पैलेस को उड़ाने की धमकी भी थी। इसके बाद पुलिस ने उसकी सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी थी। इसके बाद जगन ने बयाना भरतपुर के कैमरी मेले के दौरान पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था।