किसी शायर ने क्या खूब कहा है 'मत कर यकीन अपने हाथ की लकीरों पर, नसीब उनके भी होते हैं जिनके हाथ नहीं होते।' ये साबित कर दिखाया है राजस्थान के इस खिलाड़ी ने, जिसे आज राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड के चुना गया है।
हम बात कर रहे हैं राजस्थान के चूरू जिले के रहने वाले देवेन्द्र झाझड़िया की। देवेन्द्र ने आज एक बार फिर अपने राज्य और जिले का नाम रोशन किया है। बचपन में ही अपना एक हाथ खो देने के बाद भी देवेन्द्र ने हिम्मत नहीं हारी और यह साबित करके दिखा दिया कि नसीब लकीरों से नहीं बनता, बल्कि मेहनत और लगन से बनाया जाता है।
देश को साल 2016 में आयोजित हुए रियो पैरालंपिक खेलों में जैवलिन थ्रो स्पर्धा में गोल्ड मेडल जिताने वाले देवेन्द्र झाझड़िया के राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड के लिए चुने जाने के बाद राजस्थान के लोगों में फिर से खुशी की लहर है।
खेलों में देश के सर्वोच्च सम्मान पाने वाले देवेन्द्र का जन्म राजस्थान में चूरू जिले के राजगढ़ तहसील में हुआ था।