अजमेर संभाग के भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर में मासूम की मौत के मामले में जांच रिपोर्ट आ आ गई है। इसमें सामने आया है कि 12 वर्षीय स्कूली छात्र की मौत पोषाहार से नहीं हुई। मासूम की तबीयत बिगड़ने पर उसे बंगाली चिकित्सक के पास इलाज के लिए ले जाया गया था और इसी कारण उसकी मौत हुई है।
जहाजपुर उपखण्ड के शिवपुरा गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले 12 वर्षीय लोकेश बैरवा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। बताया गया कि लोकेश ने स्कूल में मिलने वाले पोषाहार में चावल खाए थे इसके चलते उसकी मौत हो गई। इसकी खबर मिलते ही जिला कलक्टर मुक्तानंद अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी स्कूल पहुंचे। पोषाहार के चावल सहित अन्य खाद्य सामग्री की जांच की गई। कलक्टर अग्रवाल ने बताया कि जांच में यह सामने आया है कि पोषाहार के चावल में कोई भी गड़बड़ नहीं थी।
किसी भी अन्य छात्र की इससे तबीयबियत त नहीं बिगड़ी। लोकेश की तबीयत बिगड़ गई थी जिस पर परिजन उसे स्थानीय झोलाछाप डाॅक्टर के पास लेकर गए थे, जहां उसे इलाज दिया गया। इससे लोकेश की तबीयत और बिगड़ गई और बाद में उसकी मृत्यु हो गई। इसकी उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित कर जांच करवाई जा रही है। वहीं झोलाछाप डाॅक्टर का भी पता लगाया जा रहा है। मृतक छात्र का पंडेर हॉस्पिटल में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।