अलवर के बहरोड़ में कथित गौ-तस्करी के मामले को लेकर पूरे देश में चर्चा गरम है। लेकिन अब यह सामने आ रहा है कि जिन्हें तस्कर बताकर मारा गया दरअसल वे तस्कर थे ही नहीं। वे लोग जयपुर के पशु हटवाड़ा से वैध कागजों के साथ गौवंश खरीदकर ला रहे थे।
गौरतलब है कि अलवर के बहरोड़ में गौ-तस्कर मानकर जिन लोगों के साथ मारपीट की गई, उनमें से एक व्यक्ति की सोमवार देर रात को मौत हो गई थी। इसके बाद मामला देश भर में मीडिया की सुर्खियां बन गया था। गौ-रक्षकों ने पीट-पीटकर जिसे मौत के द्वार पहुंचाया वह 55 वर्षीय पहलू खान था, जो हरियाणा के नूह के जयसिंहपुरा गांव का निवासी था। इस मामले में पुलिस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कथित गौ-तस्करों के पास ट्रांजिट परमिट नहीं था। वहीं, पीड़ित पक्ष ने बताया कि उनके पास जयपुर नगर निगम से लिया गया ट्रांजिट परमिट था। इस परमिट को लेने के लिए उन्होंने जयपुर नगर निगम में 700 रुपए जमा भी कराए थे।
पहलू खान के रिश्तेदार हुसैन खान का यह दावा भी है कि पहलू खान ने मरने से पहले बताया था कि मारपीट के दौरान जब पहलू खान ने गौ-रक्षकों को ट्रांजिट परमिट दिखाया, तो उन्होंने उसे फाड़ने का भी प्रयास किया था।
नियमों के तहत जो गौ-वंश खेती संबंधी कार्यों के लिए ले जाया जाता है, उसके लिए स्थानीय निकाय, पंचायत आदि ट्रांस्पोर्ट परमिट जारी करती हैं। मरनेवालों के परिजनों और परिचितों ने दावा किया है कि गौ-वंश परिवहन करने से पहले सभी औपचारिकताएं पूरी की गईं थी।
इस मामले में आए उबाल के बाद पुलिस की तीन टीमों ने कार्रवाई करते हुए तीन जनों को गिरफ्तार किया, जिसमें बहरोड़ के राजकीय धर्मचंद गांधी कॉलेज का छात्रसंघ अध्यक्ष विपिन चंद्र यादव, रविंद्र यादव व फौजी काूलराम हैं।
साथ ही, पुलिस ने छह आरोपियों के खिलाफ पांच-पांच हजार रुपए का ईनाम घोषित किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों को पकड़ने के लिए जिलेभर में अलग—अलग स्थानों पर दबिश दी जा रही है।