जोधपुर में एक परिवार को दहेज के लिए प्रताड़ित करना इतना भारी पड़ गया है कि उनकी जिंदगी जेल में ही बीतेगी। कोर्ट ने परिवार के सास—ससुर, पति, देवर और ननद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश शिवानी जोहरी भटनागर ने दहेज प्रताड़ना एवं आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने के मामले में आरोपी पति सुनील कुमार, ससुर शुभकरण जांगिड, सास मणीदेवी, देवर सुशील कुमार व ननद सुनीता को सोमवार को आजीवन कारावास एवं दस हजार रुपए के जुर्माने के आदेश दिए हैं। अपर लोक अभियोजक श्रवणसिंह राजपुरोहित ने बताया कि 28 फरवरी 2009 को महेश कुमार ने बासनी थाने में परिवाद दर्ज कराया था।
इसमें बताया गया कि उसकी पुत्री पूनम का विवाह सुनील कुमार के साथ 21 अप्रेल 2007 को हुआ था शादी के बाद से ससुराल पक्ष दहेज के लिए दबाव डाल रहा था। यहां तक की दहेज नही लाने पर गर्भपात करवाने तक की धमकिया दी गई थी। इसी बीच पूनम ने एक पुत्र को भी जन्म दिया। इसके बाद तो उसे और ज्यादा परेशान किया जाने लगा। ऐसे में आखिरकार परेशान होकर पूनम ने 30 दिसम्बर 2008 को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर एसीजेएम चार में चालान पेश किया, जहां से मामला एडीजे कोर्ट भेजा गया। एडीजे कोर्ट में अभियोजन की ओर से 37 साक्ष्य एवं 21 गवाह पेश किए गए। जिस पर कोर्ट ने सभी पक्षों की बहस सुनने के बाद पांचो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा के आदेश दिए हैं।