भाजपा के वरिष्ठ नेता घनश्याम तिवाड़ी ने उनके खिलाफ बोलनेवाले सरकार के मंत्रियों पर पलटवार किया है कि अगर हिम्मत है, तो उनके खिलाफ लेटर हेड पर वक्तव्य जारी करें, न कि सफेद कागज पर।
गौरतलब है कि घनश्याम तिवाड़ी के खिलाफ शनिवार दोपहर को प्रदेश के दो केबिनेट मंत्रियों प्रभुलाल सैनी और युनूस खान ने जुबानी हमला किया था कि तिवाड़ी कांग्रेस का रिमोट कंट्रोल है और वह भाजपा को दीमक की तरह खा रहे हैं। इसके पटलवार में तिवाड़ी ने कहा कि मंत्रियों के वक्तव्य कोई मायने नहीं रखते, क्योंकि ये न तो खुद के सरकारी लेटर हेड पर हैं और न ही भाजपा के लेटर हैड पर जारी किए गए हैं। तिवाड़ी ने कहा कि मंत्रियों का वक्तव्य पूरी तरह अनर्गल, निराधार और पूरी तरह बकवास हैं। केवल सफेद कागज पर कुछ भी लिख देने से वक्तव्य नहीं हो जाते हैं।
राजस्थान में अचानक एक ई—मेल चर्चा में आया, जिसमें युनूस खान और प्रभुलाल सैनी के हस्ताक्षर हैं। मेल में लिखा है कि तिवाड़ी पहले यह बताएं कि उनके पास जो हजारों करोड़ की संपत्ति है, वह कहां से आई है। साथ सीकर सहित अन्य स्थानों पर जो जमीन है उसे खरीदने के पैसे कहां से आए। मेल में लिखा है जब घनश्याम तिवाड़ी राजनीति में आए थे तो उनके पास कुछ नहीं था।
बीते कुछ दिनों से घनश्याम तिवाड़ी ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ विरोध के स्वर तेज कर दिए है। पार्टी में हाशिए पर चल रहें तिवाड़ी ने राजे पर सरकारी बंगले को हड़पने के प्रयास का आरोप तक लगा दिया है। पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते उन्हें भाजपा की अनुशासन समिति की ओर से नोटिस भी जारी किया गया था।