राजस्थान हाईकोर्ट ने नगर निगम को आदेश दिए हैं कि वह पूर्व सीएम जगन्नाथ पहाडिया को आवंटित भूमि की जांच करे। यदि आवंटित भूमि से अधिक हिस्से पर कब्जा मिले तो उसे नियमानुसार हटाने की कार्रवाई की जाए।
न्यायाधीश केएस झवेरी और न्यायाधीश वीके व्यास की खंडपीठ ने यह आदेश डॉ. रामबाबू गोयल की ओर से दायर अपील पर सुनवाई करते हुए दिए। अधिवक्ता एनसी गोयल ने बताया कि पूर्व सीएम जगन्नाथ पहाडिया को जवाहर नगर में आवंटित मकान 4त1 और याचिकाकर्ता के फ्लैट के बीच गुजर रहे सुविधा क्षेत्र पर पहाडिया ने वर्ष 1989 में कब्जा कर लिया था। याचिकाकर्ता की ओर से इस संबंध में कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इस पर याचिकाकर्ता ने वर्ष 1990 में याचिका दायर की। जिसे एकलपीठ ने खारिज कर दिया। इस आदेश के खिलाफ याचिकाकर्ता की ओर से खंडपीठ में चुनौती दी गई।
जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने नगर निगम को आदेश दिए हैं कि वह अपीलार्थी व आवासन मंडल को नोटिस जारी करने के साथ-साथ पहाडिया को आवंटित मकान की जांच करे। यदि निगम को आवंटित भूमि से अधिक पर कब्जा मिलता है तो उसे विधि अनुसार तीन माह में हटाने की कार्रवाई पूरी करे।
गौरतलब है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जगन्नाथ पहाड़िया राजस्थान के सीएम रहने के अतिरिक्त हरियाणा के राज्यपाल भी रह चुके है।