जैसलमेर की पोकरण फील्ड फायरिंग रेन्ज में अमेरिकन एम 777 अल्ट्रा लाईट हॉवित्जर गन के लंबी दूरी के इनडायरेक्ट फायरिंग का ट्रायल शुरू हो गया है। इसकी रेंज 30 से 40 किलोमीटर तक बताई गई है।
लंबी दूरी की शुरुआत के दौरान गन ने अचूक निशाने साध कर पोकरण फील्ड फायरिंग रेन्ज को धमाकों से गूंजा दिया। तोपों के गोलों की गूंज सीमा पार तक पहुंच रही थी। इससे पहले अमेरिकन गन के 3 से 4 कि.मी. तक छोटी दूरी के डायरेक्ट ट्रायल चल रहे थे, यह ट्रायल सितम्बर तक जारी रहेंगे। परीक्षणों के दौरान सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा हैं।
45-47 डिग्री के तापमान में चल रहे परीक्षणों के दौरान बाकयदा आधुनिक ढ़ंग से रडार, जी.पी.एस हवा का डायरेक्शन मांपने के लिए कई प्रकार के गुब्बारों को मौसम जांचने के उपखण्ड लगाकर आकाश में छोड़ा जा रहा हैं।
दो अमेरिकन गन लाई गई हैं भारत
हॉवित्जर
- फोटो : अमर उजाला
मीडिया के दल को इन परीक्षणों को देखने के लिए पोकरण फील्ड फायरिंग ले जाया गया। रेंज के खेतोलई क्षेत्र में चल रहे प्रशिक्षण के दौरान बाकयदा उच्च सैन्यधिकारियों ने मीडिया ब्रीफिंग के दौरान बताया कि भारतीय सेना की मारक क्षमता को मजबूत करने व आधुनिकीकरण की कड़ी में हाल ही में अमेरिका के साथ एम 777 अल्ट्रा लाईट होविल्जार गन खरीदने के हुए एम.ओ.यू किए ए गए। इसमें पहले दो अमेरिकन गन भारत में 18 मई को लाई गई थी।
8 जून को इसके डायरेक्टर पहले फायर ट्राईल के परीक्षण शुरू किए गए थे। इसका मुख्य मकसद फायरिंग टेबल को डवलप करना था, हालांकि इसके परीक्षण पहले सफल सिद्ध हो चुके थे। इसके डाटा की रेंज टारगेट केलकुलेशन आदि के लिए फायरिंग टेबल डवलपमेन्ट की जा रही थी।
सैन्य सूत्रों ने बताया कि यह लंबा प्रोसेस हैं तथा सितम्बर तक चलेगा। अभी इसके लंबी दूरी के इनडायरेक्ट ट्रायल शुरू किए गए हैं।
तीन सालों में मिलेंगी 145 गन
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सैन्यधिकारियों ने बताया कि भारत में पहले दो गन लाई गई हैं, अगले साल तीन गन और आएंगी। जिन्हें ट्रेनिंग के लि्ए उपयोग किया जाएगा। अमेरिकन गन कंपनी बी.एल.ई सिस्टम के भारत में महिन्द्रा डी.एल.एस पार्टनर हैं, यह दोनों मिलकर गन बनाएंगे।
कुल 145 गन 3 सालों में भारत में भारतीय सेना को मिलेगी, जिन्हें 7-8 यूनिटों को बांटा जाएगा। एक यूनिट को करीब 18 गन दी जाएगी।
सैन्यधिकारियों ने बताया कि इस गन से एक मिनट में 4 गोले फायर किए जा सकते हैं। यह इतनी हलकी होती हैं कि 4.4 टन की इस गन को 3 मिनट में एक्शन में लाया जा सकता हैं और दो मिनट में पैकअप किया जा सकता हैं। इसे हैलिकॉप्टर के जरिये पहाड़ी इलाकों सहित कहीं भी किसी इलाके में लाया ले जाया सकता हैं ।
इसमें 155 एम.एम का करीब 45 से 48 किलो तक का कोई भी एम्नयुशन फायर किया जा सकता है। वर्तमान में इसमें गन टेबल का निर्माण किया जा रहा हैं, जिसमें टारगेट का डाटा पूरा फीड किया जा रहा हैं। यह गन काफी इफेक्टिव व आधुनिक संसाधनों से युक्त हैं।