राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले की जेल में जल्द ही छोटा अस्पताल बनाया जाएगा। इसका फायदा ये होगा कि कैदियों को बीमार होने पर जेल से बाहर नहीं ले जाना पड़ेगा।
दरअसल, पिछले काफी दिनों से श्रीगंगानगर जेल में ही कैदियों के लिए अस्पताल की सुविधा मुहैया करवाने की मशक्कत की जा रही थी। इसके चलते अब जेल प्रशासन की ओर से जेल में अस्पताल बनाने का प्रस्ताव बनाया गया है, जिसे अनुमति के लिए आगे भेज दिया गया है। जेल प्रशासन ने इसके लिए पचास लाख रुपए का बजट मांगा है। ताकि यहां जेल में कैदियों को अस्पताल जैसी सुविधाएं मुहैया करवाई जा सके।
हालांकि, यहां पहले से ही करीब छह—सात डॉक्टरों की ड्यूटी रहती है जिसमें दो डॉक्टर यहां हमेशा मौजूद रहते हैं। श्रीगंगानगर केन्द्रीय कारागार के अधीक्षक राजपाल सिंह ने बताया कि जेल में अस्पताल बनने का प्रस्ताव स्वीकार होने के बाद यहां एक्सरे रूम, डॉक्टरों के रूम और सोनोग्राफी कक्ष बनाए जा सकेंगे। गौरतलब है कि यहां जेल में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कैदियों की पेशी की व्यवस्था पहले ही शुरू हो चुकी है।