भतरपुर के सेवर कस्बे में मैरिज होम में बीती रात्रि हुए हादसे ने 24 लोगों की जान चली गई। चश्मदीदों के अनुसार मौत का आंकड़ा बढ़ने का कारण आरबीएम अस्पताल की लापरवाही रहीं। जब हादसे में घायल मरीजों का अस्पताल में पहुंचना प्रारंभ हुआ तो अस्पताल की बत्ती गुल थी। यहां का जनरेटर काम नहीं कर रहा था। चिकित्सकों व कर्मचारियों की संख्या भी कम होने के कारण गंभीर रुप से घायल लोगों का समय पर ईलाज नहीं हो सकता।
हादसे का शिकार लोगों के परिजनों ने बताया कि अस्पताल कर्मचारी टॉर्च की रोशनी में घायलों की नसें टटोलते नजर आए। जानकारी के अनुसार यदि अस्पताल में व्यवस्थाएं सही होती तो तीन—चार जान बचाई जा सकती थी। अस्पताल में अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि रात्रि करीब 11 बजे जब 30 से अधिक घायल यहां लाए गए तो कर्मचारियों के समझ ही नहीं आया कि उन्हें किस वार्ड में भर्ती किया जाए। प्रशासनिक अधिकारियों के आरबीएम अस्पताल में पहुंचने के बाद ही सही ढंग से ईलाज प्रारंभ हो सका।
वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बीती रात्रि को आंधी और मौसम खराब होने के कारण बत्ती गुल हुई थी लेकिन जल्द ही लाइट आ गई थी वहीं बृहस्पतिवार सुबह घायलों का हालचाल जानने पहुंचे चिकित्सा मंत्री कालीचरण सर्राफ ने भी माना कि अस्पताल का जनरेटर बंद है और केवल एक इनर्वटर चल रहा था।