हिंगोनिया गौशाला मामले को लेकर एक बार फिर से न्यायाधीश महेशचंद शर्मा की अदालत में सुनवाई हुई। गौशाला में गायों की बिगड़ती स्थिती की गंभीरता को देखते हुए न्यायाधीश महेशचंद शर्मा अब खुद गौशाला का दौरा कर मामले में अपना फैसला सुना सकते हैं।
न्यायाधीश शर्मा बुधवार को सभी अधिकारी व संबंधित अधिवक्ताओं के साथ हिंगोनिया गौशाला जाएंगे और उसके बाद ही अपना फैसला सुनाएंगे। इससे पहले भी राजस्थान हाईकोर्ट कई बार राज्य सरकार, जयपुर नगर निगम, पशुपालन विभाग को लताड़ लगा चुका है लेकिन स्थितियां जस की तस ही रहीं। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान नगर निगम आयुक्त, जिला कलेक्टर, वित्त सचिव, निदेशक पशुपालन, सचिव स्वायत्त शासन विभाग कोर्ट में पेश हुए। गौरतलब है कि राजस्थान की यह सबसे बड़ी गौशाला जब से बनी है, तभी से विवादों में रही है।
यहां करोड़ों रुपए का चारा घोटाला भी उजागर हो चुका है। इसमें कई अफसर फंसे हुए है लेकिन, रसूखातों के चलते असरदार कार्रवाई नहीं हुई। यहां पर जो गाय मर जाती थी, उसके नाम पर चारा खरीद दिखा कर ये घोटाला किया गया था।
हिंगोनिया में निर्माण कार्य और यहां से गायों को दूध बेचने और लावारिस हालात में गायों को बेचने एवं रिश्वत लेकर गाय छोड़ने की शिकायतें भी खूब आती रहती है।