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राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा- गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करे सरकार, गौहत्या पर हो उम्रकैद

Wed, 31 May 2017 05:40 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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फाइल फोटो
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मवेशियों की खरीद-फरोख्त के संबंध में केंद्र सरकार के नए नोटिफिकेशन पर मद्रास हाईकोर्ट द्वारा चार हफ्ते की रोक के आदेश के ठीक एक दिन बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने भी एक बड़ा फैसला सुनाया है। राजस्थान हाईकोर्ट ने बहुचर्चित हिंगोनिया गौशाला मामले में अपने फैसले में कहा है कि केंद्र सरकार से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करवाने के लिए राज्य सरकार प्रयास करे। साथ ही गोकशी करने वालों को आजीवन कारावास का प्रावधान कानून में शामिल करवाए।
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राजस्थान हाईकोर्ट ने बहुचर्चित हिंगोनिया गौशाला मामले में 7 साल बाद अपना फैसला सुनाया है। खास बात यह है कि जागो जनता सोसायटी की ओर से इस संबंध में दायर याचिका पर सुनवाई करने वाले मुख्य न्यायाधीश महेश चंद शर्मा ने अपने रिटायरमेंट के दिन बुधवार को अपना आखिरी फैसला सुनाया। फैसले में कहा गया है कि केंद्र से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करवाने के लिए केंद्र सरकार के सामने पक्ष रखने के लिए मुख्य सचिव और महाधिवक्ता कार्यवाही करे। हाईकोर्ट ने इस मामले को लेकर कमेटी भी बनाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने नेपाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां नए संविधान में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जा चुका है।

राजस्थान हाईकोर्ट ने फैसले में कहा है कि हिंगोनिया गौशाला में भ्रष्टाचार की जांच एसीबी करे। कोर्ट ने एडीजे को हर तीन महीने में गोशाला को लेकर रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने यूडीएच सचिव और निगम आयुक्त सहित सम्बंधित अफसरों को महीने में एक बार गौशाला का दौरा करने के निर्देश दिए।
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कोर्ट ने इस मामले में वन विभाग को गौशाला में हर साल 5 हजार पौधे लगाने को कहा है। साथ ही, अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पूर्व में दिए गए आदेशों की अनुपालना यथावत ही की जाए। वर्तमान में राजस्थान में राजस्थान गौवंशीय पशु (वध का प्रतिषेध एवं निर्यात का विनियमन) अधिनियम के तहत गौहत्या पर तीन वर्ष के कारावास की सजा का प्रावधान है।
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जानें, और क्या-क्या कहा अदालत ने...

Cow - फोटो : अमर उजाला
- गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कराने के लिए कोई भी जनहित याचिका दायर करने के लिए स्वतंत्र रहेगा।
- जेडीसी, निगम आयुक्त और यूडीएच सचिव माह में एक बार हिंगोनिया गौशाला का करेंगे दौरा।
- अंधी गायों के ऑपरेशन की होगी तुरंत कार्रवाई। यदि संसाधन क जरूरत हो तो पन्द्रह में किया जाए समाधान।
- कोर्ट कमिश्नर को अनियमितता मिलती है तो संबंधित अधिकारी शिकायत मिलने के पन्द्रह दिन में करेंगे समाधान।
- हिंगोनिया गौशाला में लापरवाही बरतने वाले के खिलाफ सरकार करे कार्रवाई।
- गौशाला को लेकर 16 मार्च 2012 को दिए विस्तृत आदेश की पालना नहीं होती है तो कमेटी अवमानना याचिका के लिए होगी स्वतंत्र, अधिवक्ता एसआर सुराणा की अध्यक्षता में हाईकोर्ट बार अध्यक्ष व महासचिव सहित तीन अधिवक्ताओं को किया कमेटी में शामिल।
- वन विभाग हर साल हिंगोनिया गौशाला में पांच हजार पौधे लगाकर उसकी देखभाल कराए।
- एमओयू के तहत यदि अक्षय पात्र कोई वेद पाठशाला आदि स्थापित करना चाहे तो सरकार और निगम से उसकी स्वीकृति की अपेक्षा।
- सरकार से अपेक्षा कि हिंगोनिया गौशाला में खर्च के दुरुपयोग की करे मॉनिटरिंग।
- गौपालन विभाग गौशाला में गायों की संख्या देखते हुए वित्तीय प्रबंध सुनिश्चित करे।
- गौशाला की भूमि का इस रूप में ही उपयोग रखा जाए।
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