मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट ने हाईप्रोफाइल सैक्स ब्लैकमेल कांड में जेल में बंद वकील नवीन देवानी और नितेश बंधू शर्मा को राहत देने से इंकार करते हुए उन्हें रिहा करने से मना कर दिया है।
दोनों आरोपियों की ओर से प्रार्थना पत्र पेश कर कहा कि एसओजी ने दो प्रकरणों में साठ दिन में आरोप पत्र पेश नहीं किया है। ऐसे में उन्हें सीआरपीसी की धारा 167(2) के तहत रिहा किया जाए। जिसका विरोध करते हुए राज्य सरकार की ओर से कहा गया प्रकरण में उम्र कैद का प्रावधान है। ऐसे में आरोप पत्र पेश करने के लिए 90 दिन की अवधि नियत है। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया।