राजस्थान के सबसे पुराने व बड़े एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज के स्तरहीन संचालन पर राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर में सोमवार को सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए जुलाई माह तक रिक्त पदों पर नियुक्ति देने के सख्त आदेश दिए हैं।
जस्टिस गोविन्द माथुर की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए कहा कि हर सूरत में 34 रिक्त पदों पर जुलाई माह तक नियुक्ति हो जानी चाहिए। वही इन्फ्रांस्ट्रक्चर के लिए राज्य सरकार को विशेष प्रस्ताव बनाकर भेजे ताकि सरकार विधि सम्मत अनुमोदन कर बजट उपलब्ध करवा सके। मामले में अगली सुनवाई 25 मई को होगी। कॉलेज संचालन की दुर्दशा के मद्देनजर कॉलेज की एलुमिनी एसोसिएशन की ओर से जनहित याचिका दायर की गई है। विवि की ओर से एएजी पीआर सिंह व याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एमआर सिंघवी ने पैरवी की। वही, सरकार की ओर से एएजी राजेश पंवार ने पक्ष रखा। हाईकोर्ट ने कहा कि व्यवस्थाओं में सुधार तो करना ही होगा। विश्वविद्यालय की ओर से पालना रिपोर्ट भी पेश की गई।