राजस्थान हाईकोर्ट ने खेल मैदानों को गैर खेल गतिविधियों के लिए काम में नहीं लेने के संबंध में जेडीए को शपथ पत्र पेश करने को कहा है। साथ ही अदालत ने विधि विभाग को कहा है कि वह लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को अन्य खेलों पर लागू करने के लिए खेल अधिनियम में संशोधन के लिए चल रही प्रक्रिया को पूरी करे।
इसके साथ ही अदालत ने आरसीए लोकपाल जस्टिस ज्ञानसुधा मिश्र और एथिक्स ऑफिसर जस्टिस पानाचंद जैन को अपने पद पर यथावत काम करने को कहा है। अदालत ने पक्षकारों को छूट दी है कि वह चाहे तो दोनों अधिकारियों को पद से हटाने के लिए पत्र जारी करने वाले आरसीए पदाधिकारी को अवमानना कार्रवाई के लिए पक्षकार बना सकते हैं।
न्यायाधीश जेके रांका की एकलपीठ ने यह आदेश रामपाल शर्मा की ओर से दायर याचिका पर लिए गए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान पर सुनवाई करते हुए दिए। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव जेसी मोहंती, विधि सचिव और सहकारिता रजिस्ट्रार सहित जेडीसी अदालत में पेश हुए।
सरकार की ओर से कहा गया कि लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को लागू करने के लिए जस्टिस एनके जैन कमेटी का गठन किया गया है। प्रदेश में खेल अधिनियम लागू है, इसलिए कमेटी की सिफारिशों को लागू करने के लिए खेल अधिनियम में संशोधन करना पड़ेगा। ऐसे में प्रकरण को विधि विभाग भेजा गया है। जहां अधिनियम में संशोधन कराने के लिए कार्रवाई चल रही है।