रावण की शादी एक अप्सरा की बेटी से हुई थी। रोचक बात यह है कि जिस मंडप में लंकापति रावण ने मंदोदरी के साथ फेरे लिए थे, उसके अवशेष आज भी मौजूद है।
कहा जाता है कि रावण का विवाह राजस्थान में जोधपुर के मंडोर में हुआ था। उस समय रावण के वंशज जो की श्रीमाली समाज के गोदा गोत्र के लोग हैं वह बारात में आए थे। ये लोग विवाह के बाद यहीं बस गए। इनके वंशज आज भी जोधपुर में मौजूद है। ये लोग आज भी रावण की पूजा करते है। इन लोगों ने रावण का मंदिर बनवाया है।
यह मंदिर जोधपुर के ऐतिहासिक मेहरानगढ़ फोर्ट की तलहटी में बना हुआ है। इस मंदिर का निर्माण श्रीमाली समाज के गोधा गौत्र के लोगो ने बनवाया है। मंदिर में रावण व मंदोदरी की विशाल प्रतिमाएं स्थापित है। दोनों को शिव पूजन करते हुए दर्शाया गया है। पुजारी कमलेश कुमार दवे का दावा है कि उनके पूर्वज रावण के विवाह के समय यहां आकर बस गए।