राजस्थान में आसमान से बरसी आफत का कहर अभी जारी है। इस स्थिति का जायजा लेने के लिए सीएम वसुंधरा राजे हवाई सर्वे कर सकती हैं।
राजस्थान के दक्षिणी-पश्चिमी इलाकों में पिछले चार से दिन से बारिश का कहर जारी है। कई इलाके अभी जलमग्न है और लोग फंसे हुए है। रेल एवं सड़क यातायात आज भी प्रभावित है। सिरोही, जालौर, माउंट आबू, झालावाड़ समेत कई जिलों में बाढ़ के हालात बने हुए है। बारिश में फंसे लोगों को राहत पहुंचाने का काम लगातार जारी है। एनडीआरफ की टीमें लगातार अपने प्रयास कर रही हैं, लेकिन खराब मौसम के चलते परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश में अति वृष्टि से बिगड़े हालातों का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे कर सकती है।
राजस्थान में सबसे बिगड़े हुए हालात जालौर में है। बारिश के दौरान पानी की निकासी नहीं होने से लोग परेशान है। सड़कें टूटी होने से राहत कार्य भी प्रभावित हो रहे है। सांचौर के चितलवाना के सभी गांवों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। इन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उधर, जंवाई बांध के गेट खोले गए हैं। इससे बांध क्षेत्र में आने वाले 67 गांवों के लिए प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी किया है। अन्य बांधों में भी जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। चम्बल में पानी में उफान आने के चलते संकट के बादल भी मंडराने लगे थे। पानी की स्तर बढ़ने से बारां मथुरा हाइवे बंद कर दिया गया। लूणी में भी जलस्तर बढ़ने से आसपास बसे गांवों में दहशत फैल गई है।
उधर, झालावाड़ के डग, चौमहला में मूसलाधार बारिश हुई। इससे सड़क और रेल यातायता प्रभावित हुआ। यहां से दिल्ली एवं मुंबई जाने वाली ट्रेनें प्रभावित हुई। झालावाड़ स्टेशन पर पानी भरने से ट्रेनों का संचालन कुछ देर के लिए प्रभावित हुआ।