(गोले में) मंदिर की अलमारी से चोरी करता दादा और पोते
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नेकी की राह पर चलने की सीख देने की उम्र में एक दादा ने अपने पोते के साथ मिलकर भगवान के दर पर ही कांड कर डाला। दादा-पोते की इन करतूतों को एक शख्स ने देख लिया और इस घटना को अपने कैमरे में कैद कर लिया।
उदयपुर शहर के एक कलयुगी दादा ने अपने पोते के साथ मिलकर घंटाघर इलाके में सोनी समाज के एक मंदिर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। जगदीश चौक निवासी दादा श्यामलाल सोनी और पोते जयदीप सोनी पर मंदिर से महत्वपूर्ण दस्तावेज चुराने के आरोप हैं।
जानकारी के अनुसार उदयपुर के घंटाघर इलाके में स्थित जगदीश चौक पर बने सोनी समाज के मंदिर में मुहर्रम के दिन अलमारी से महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य सामान चोरी होने की वारदात को एक अज्ञात व्यक्ति ने कैमरे में कैद कर लिया।
अपनी चोरी छिपाने के लिए जुट गए समाज के साथ
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इस घटना में सबसे मजेदार बात ये रही कि मंदिर में चोरी होने की घटना का पता चलते ही समाज में हंगामा मच गया और समाज के सभी लोग घंटाघर थाने में ज्ञापन देने पहुंचे। ऐसे में दोनों दादा-पोते भी समाज के लोगों के साथ थाने पहुंच गए थे।
दादा पोते इस बात से बिल्कुल अनभिज्ञ थे कि उनकी इस करतूत का वीडियो बनाया जा चुका है, जो तेजी से वायरल भी हुआ। बावजूद इसके दोनों थाने में कुछ देर तो मौजूद रहे लेकिन पता चलते ही वहां से फरार हो गए। अब समाज के लोगों ने दादा श्यामलाल सोनी और पोते जयदीप सोनी के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
यूं दिया चोरी को अंजाम
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सोनी समाज के इस मंदिर से मुहर्रम वाले दिन दादा पोते पहले तो मंदिर की छत पर चढ़ गए जहां से उन्होनें छत पर रखी अलमारी से समाज की दुकानों, नोहरों सहित अन्य दस्तावेज चुरा लिए। बताया जाता है कि कुछ साल पहले समाज के नोहरे का कोर्ट केस चला था, जिसमें समाज ने 24 लोगों को प्रतिनिधी बनाया गया था जिसमें चोरी का आरोपी श्यामलाल सोनी भी शामिल है।
इन 24 प्रतिनिधियों में से कई तो अब इस दुनिया में ही नहीं रहे और श्यामलाल को इन दस्तावेजों की पूरी जानकारी थी और अंदाजा यही लगाया जा रहा है कि वे इन दस्तावेजों को चुराना चाहता था।