जब्त की गईं ट्रैक्टर ट्रालियां
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राजस्थान सरकार ने ट्रैक्टर ट्रोलियों के अवैध रूप से किए जा रहे वाणिज्यिक उपयोग को वैध बनाने का रास्ता खोज लिया है। अब सरकार ट्रैक्टर मालिकों से ट्रैक्टर की कीमत का एक प्रतिशत शुल्क लेकर इन्हें पंजीकृत कर देगी। इसके बाद इनका वाणिज्यिक उपयोग हो सकेगा।
वर्तमान नियमों के तहत ट्रैक्टर ट्रोलियों का केवल कृषि कार्य के लिए ही इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन हर जगह ट्रैक्टर ट्रोलियों का वाणिज्यिक उपयोग होते हुए देखा जा सकता है। ट्रैक्टर ट्रोलियों के जरिए पत्थर, ईंटें, बजरी, मिट्टी, मार्बल, लकड़ियां आदि धड़ल्ले से ढोए जाते हैं, जबकि नियमों के तहत ये सभी वाणिज्यिक गतिविधियां अवैध हैं। परिवहन मंत्री युनूस खान ने बताया कि राजस्थान सरकार ने इस संबंध में तय किया है कि ट्रोलियों को वैध करने के लिए प्रदेशभर में अभियान चलाया जाएगा।
मंत्री के अनुसार अभियान के तहत ट्रैक्टर ट्रॉली का अवैध रूप से वाणिज्यिक उपयोग करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए प्रदेशभर में 16 जून से 15 जुलाई तक सघन अभियान चलाया जाएगा। लेकिन अभियान शुरू करने से पहले इन ट्रॉलियों का वाणिज्यिक उपयोग के लिए नियमितीकरण करने के लिए समझाइश के लिए अभियान चलाया जाएगा।
इस संबंध में प्रदेश भर के आरटीओ व डीटीओ को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मंत्री ने कहा है कि ट्रॉली को ट्रैक्टर का ही हिस्सा मानते हुए ट्रैक्टर का ही नम्बर दे दिया जाएगा और प्रोटोटाइप के अनुरूप होने पर उसे ट्रैक्टर के मूल्य की एक प्रतिशत राशि लेकर वाणिज्यिक कार्य के लिए नियमित कर दिया जाएगा। हालांकि इस पर रिफ्लेक्टर लगाना एवं साफ नम्बर लिखना जरूरी होगा।
मंत्री ने बताया कि नियमों की अवहेलना पर सुप्रीम कोर्ट की कमेटी के निर्देशानुसार उल्लंघनकर्ता का लाइसेंस तीन माह के लिए निश्चित रूप से निलम्बित किया जाना चाहिए। इसी प्रकार 15 वर्ष से अधिक पहले के पंजीकृत वाहनों को मई से जुलाई 2017 तक पुनः पंजीयन करवाना था। ऐसा नहीं करने वाले वाहनों का पंजीयन निरस्त किया जाना है। अब 5 जून तक पुनःपंजीकृत और निरस्त पंजीयन की सूचना देने के लिए निर्देश दिए गए हैं।