63 पद भरने के लिए लिखित परीक्षा 17 जनवरी को हुई थी।
राजस्थान बोर्ड की बारहवीं के कला के परिणाम सामने आने के बाद यह साफ हो गया कि सरकारी स्कूलों में परिणाम सुधारने को लेकर की जा रही कवायद रंग लाने लगी है। अब तक प्राइवेट स्कूल परिणामों में सरकारी स्कूलों पर भारी पड़ते थे। लेकिन इस साल तस्वीर उलट गई है।
कला के परिणाम जो शुक्रवार को जारी किए गए हैं, उनमें भी यही स्थिति देखने को मिली। परिणामों में सरकारी स्कूलों की सफलता का प्रतिशत प्राइवेट स्कूलों से कहीं ज्यादा आ रहा है। सरकारी स्कूलों ने कला के परिणामों में 91.16 फीसदी रहा है जबकि प्राइवेट स्कूलों की सफलता का प्रतिशत 88.14 फीसदी रहा है। सरकारी स्कूलों ने प्राइवेट की तुलना में तीन फीसदी ज्यादा सफलता हासिल की है। अगर बात पिछले परिणामों की करें तो सरकारी स्कूलों में विज्ञान के परीक्षा परिणामों में 11 फीसदी वृद्धि हुई है।
इस विषय में 75 फीसदी अंक लाने विद्यार्थियों की संख्या गत वर्ष 7.25 फीसदी थी, जबकि इस साल 16.76 प्रतिशत विद्यार्थी 75 फीसदी अंक लाए है। इसी तरह कॉमर्स में राजकीय स्कूलों का परीक्षा परिणाम 5 फीसदी बढ़ा है। इसमें 75 फीसदी लाने वालों में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की संख्या अब 3.75 फीसदी से बढ़कर 6.96 फीसदी तक हो गया है। साठ फीसदी लाने वाले सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों की संख्या भी दुगुनी हुई है।