विधानसभा में एमएलए के बेटे के चपरासी के पद पर नियुक्त होने के बाद कई सवाल उठने लगे हैं। अब कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष ने इस नियुक्ति को लेकर जांच की मांग उठाई है।
दरअसल, सारा मामला राजस्थान विधानसभा से जुड़ा है। यहां सचिवालय में चतुर्थ श्रेणी के 18 पदों के लिए भर्ती निकाली गई थी। जिसके लिए करीब 18 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन पत्र प्रस्तुत किया और करीब साढे बारह हजार शामिल हुए । यहां खास बात ये है कि चतुर्थ श्रेणी पद के लिए 129 इंजीनियर, 23 वकील और करीब 393 पोस्ट ग्रेजुएट अभ्यर्थी भी शामिल हुए। जब पिछले महीने चतुर्थ श्रेणी पद के लिए लिस्ट जारी हुई तो उसमें विधायक के बेटे का नाम भी शामिल था।
इस अभ्यर्थी का नाम रामकृष्ण मीणा है जो कि जमवारामगढ़ से भाजपा के विधायक जगदीश नारायण मीणा के बेटे हैं। इसके बाद राजस्थान में कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने भर्ती को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि सत्तापक्ष ने भर्ती का प्रभावित करने का कार्य किया है।
ऐसे में पायलट ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि मौजूदा सरकार की नीतियों की वजह से राजस्थान के युवा बेरोजगार हो रहे हैं और भाजपा नेता अपने रिश्तेदारों को सरकारी नौकरी दिलवा रहे हैं।