एशिया के सबसे बड़ी और बेहतरीन मानी जाने वाली जयपुर की हिंगोनिया गौशाला में पिछले वर्ष सैंकड़ों की संख्या में गौवंश ने दम तोड़ दिया था। शुक्रवार को राजस्थान विधानसभा में सरकार की ओर से एक सदस्य के प्रश्न के जवाब ने गौवंश की मौत का कारण बताया। सरकार का कहना है कि गौशाला में इतने बड़े पैमाने पर गौवंश के मरने का कारण कुपोषण और बीमारी है। लेकिन कुपोषण एक साथ हजारों की संख्या में गौवंश को हुआ क्यों इसका जवाब सरकार के यूडीएच विभाग की ओर से नहीं दिया गया।
इसलिए चर्चा में रही हिंगोनिया गौशाला
जानकारी के अनुसार जनवरी 2016 से जुलाई 2016 तक हिंगोनिया गौशाला में करीब 1000 गौवंश ने दम तोड़ दिया। इसके बाद जब ये मौत नेशनल मीडिया की सुर्खियां बनी तब सरकार का इस ओर ध्यान गया। इसके बाद गौशाला के संचालन में होने वाले घोटाले भी सामने आए। यहा कार्य करने वाले सैंकड़ों कर्मचारियों ने तब आरोप लगाया था कि उन्हें वेतन नहीं मिल रहा हैं। साथ गौशाला में सफाई कर्मचारियों की अनुपस्थिति के चलते भी कई गायों की कीचड़ में फंसने से मौत हो गई थी।
अब सरकार का जवाब
भाजपा विधायक मंजू बाघमार के सवाल के जवाब में शुक्रवार को सरकार की ओर से विधानसभा में बताया गया कि बड़ी संख्या में जो गौवंश मरा है उसका कारण कुपोषण है। सरकार का कहना है कि हिंगोनिया में जो गौवंश लाया जाता है उसकी स्थिति काफी खराब होती है। जिसमें बूढ़ी गायों के साथ दुर्घटना में घायल गौवंश भी सम्मलित होता है। वहीं कुछ गौवंश की मौत दम घुटने से भी हुई थी।
प्रश्न उठने लगे है
लेकिन जब गौशाला में गौवंश की देखभाल के लिए लाया जाता है तो कुपोषण कैसे हो गया। हिंगोनिया गौशाला का बजट करोड़ों रुपए है फिर उनका ईलाज सही ढंग से क्यों नहीं होता है। यहा पशु चिकित्सकों की एक पूरी टीम है फिर भी बड़ी संख्या में गायों की मौत क्यों हुई।