स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर करोड़ों रुपए सरकारें खर्च रही है। लेकिन उनके अपने ही कर्मचारी योजनाओं को चौपट करने में लगे है। राजस्थान में एक ऐसा ही मामला बीकानेर के लूणकरणसर में सामने आया है। जननी सुरक्षा की दुहाई देने वाली सरकार के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में शुक्रवार को पुरुष वार्ड में महिला का प्रसव कराया गया। दरअसल शुक्रवार दोपहर को पंकज नाम का व्यक्ति अपनी गर्भवती पत्नी को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचा। लेकिन वहां मौजूद चिकित्सक दोपहर के समय ही सो रहा था। उसे कई बार जगाने का प्रयास किया गया लेकिन डॉक्टर की नींद नहीं टूटी। जब प्रसव पीड़ा अधिक हुई तो परिजनों ने महिला को पुरुष वार्ड में ही बेड पर लिटा दिया।
कार्रवाई का दिया मंत्री ने आश्वासन
स्वास्थ्य मंत्री राजस्थान
इसके बाद परिजनों ने स्वयं ही महिला क प्रसव कराया। लेकिन उस दौरान ना तो आरोपी चिकित्सक और ना अस्पताल का कोई कर्मचारी सहायता के लिए वहां उपस्थित था। जानकारी के अनुसार महिला का प्रसव सामान्य रहा और महिला व उसका बच्चा दोनों ही स्वस्थ्य है। लेकिन चिकित्सक की लापरवाही से गुस्साए परिजन महिला व नवजात को अस्पताल से बिना बताए ही लेकर चले गए। घटना के बाद से कस्बे में रोष व्याप्त है और स्थानीय लोग आरोपी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे है। वहीं राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सर्राफ ने मामले की जांच व उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।