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ओटी में डॉक्टरों की तू-तू-मैं-मैं, नवजात की मौत पर सामने आई ये सफाई

Wed, 30 Aug 2017 08:22 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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jodhpur,
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आॅपरेशन थियेटर में बेहोश प्रसूता को छोड़कर डॉक्टरों की लड़ाई के दौरान नवजात की मौत को लेकर राज्य सरकार ने आज शाम अपनी सफाई दी है। सरकार ने कहा है कि डॉक्टरों की इस लड़ाई के दौरान किसी नवजात की मौत नहीं हुई है। 
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उम्मेद अस्पताल के प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार डॉक्टरों के आपसी झगड़े के दौरान ओटी में भर्ती प्रसूता नसीम बानों के नवजात की मौत नहीं हुई है। प्रसूता और नवजात दोनों स्वस्थ्य है और अस्पताल में भर्ती है। जिस शिशु की मौत होने की बात कही जा रही है, वह प्रसूता अनिता कुमारी बाद में ओटी पहुंची थी, जिसके बच्चे की धड़कने सामान्य नहीं होने के कारण मौत हुई थी।

वीडियो वायरल होने के बाद राजस्थान चिकित्सा शिक्षा विभाग ने दोनों डॉक्टरों को उम्मेद अस्पताल से हटा दिया है। डॉ. अशोक नैनिवाल की वर्तमान सेवाओं से बर्खास्त कर उनकी सेवाएं जयपुर स्थित निदेशालय को देने के आदेश जारी कर दिए हैं। डॉ. नैनीवाल पावटा सेटेलाइट अस्पताल में लगा दिया है। वहीं, डॉ. टाक को एमडीएम अस्पताल लगा दिया गया है।
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हाईकोर्ट और महिला आयोग ने लिया हैं संज्ञान

आॅपरेशन थिएटर में आपस में उलझते डॉक्टर्स - फोटो : amar ujala
राजस्थान में इंसानियत को शर्मिंदा और डॉक्टरी पेशे को दागदार करने वाली यह घटना 29 अगस्त की है। इसका वीडियो वायरल होने के बाद आज हाईकोर्ट ने गंभीरता दिखाते हुए प्रसंज्ञान लिया और दोपहर को रवि कुमार सुरपुरा व एडीएम सिटी सीमा कविया को तलब कर लिया। अदालत ने फेक्चुअल रिपोर्ट मांगी और चार सितम्बर तक विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। न्यायाधीश जीके व्यास व जस्टिस मनोज गर्ग की खंडपीठ ने जांच कमेटी गठित करने और कमेटी में एक न्यायिक अधिकारी को शामिल करने के आदेश दिए हैं।

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा ने भी इस मामले में अस्पताल प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है। शर्मा ने इस घटना को दुखद बताया है। डॉक्टरों की ऐसी हरकत करने से मरीजों का एक बार फिर से डॉक्टरों पर से विश्वास उठ जाएगा ऐसे में हम इस मामले में सरकार से पूरी तरह से निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे और दोषी डॉक्टर्स को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का काम करेंगे। 
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