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गणपति की महिमा: कभी पानी कभी रेत का दरिया बहता है यहां

Fri, 25 Aug 2017 08:17 AM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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पानी के बीच गणपति - फोटो : अमर उजाला
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देश के संभवतया अकेले ऐसे गणेश हैं, जो कभी रेत के दरिया में रहते हैं तो कभी पानी के सैलाब में। एक ही जगह रहकर दो अनोखे माहौल को देखने यहां भक्तों की भी काफी आवाजाही लगी रहती है।
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ऐसा नजारा जैसलमेर के प्रसिद्ध एवं चमत्कारी चूंधी गणेश मंदिर से जुड़ा है। दरअसल इस इलाके जब गर्मी पड़ती है तो रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ती है। इसके बाद जब बारिश आती है तो ऐसी आती है कि मंदिर दरिया में बदल जाता है। गणेश जी की प्रतिमा सिर तक पानी में डूब जाती है।

इस बार भी रेगिस्तान में गणपति के इस मंदिर पर मेघ ऐसे बरसे कि मंदिर पानी से लबालब हो गया। पानी में गणपति का सिर ही नजर आ रहा था। हालात यह रहे कि मंदिर के पुजारी ने भी पानी के बीच खड़े होकर गजानन की आराधना की।
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श्रद्धा का अनूठा केंद्र है ये मंदिर

नदी के बहाव के बीच में गणेश मंदिर - फोटो : अमर उजाला
जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर नदी के बहाव में स्थित चूंधी गणेश आस्था व श्रद्धा का अनूठा केन्द्र है। जिलेभर से दर्शनार्थी चूंधी गणेश के मंदिर में पहुंचकर सुख—समृद्धि की कामना करते हैं। नदी के बहाव में होने के कारण गणेश प्रतिमा पर लगातार पानी का बहाव चल रहा था।

गणेश चतुर्थी के मौके पर इस मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है।
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