देश के संभवतया अकेले ऐसे गणेश हैं, जो कभी रेत के दरिया में रहते हैं तो कभी पानी के सैलाब में। एक ही जगह रहकर दो अनोखे माहौल को देखने यहां भक्तों की भी काफी आवाजाही लगी रहती है।
ऐसा नजारा जैसलमेर के प्रसिद्ध एवं चमत्कारी चूंधी गणेश मंदिर से जुड़ा है। दरअसल इस इलाके जब गर्मी पड़ती है तो रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ती है। इसके बाद जब बारिश आती है तो ऐसी आती है कि मंदिर दरिया में बदल जाता है। गणेश जी की प्रतिमा सिर तक पानी में डूब जाती है।
इस बार भी रेगिस्तान में गणपति के इस मंदिर पर मेघ ऐसे बरसे कि मंदिर पानी से लबालब हो गया। पानी में गणपति का सिर ही नजर आ रहा था। हालात यह रहे कि मंदिर के पुजारी ने भी पानी के बीच खड़े होकर गजानन की आराधना की।