राजस्थान में भले ही सरकार भारतीय जनता पार्टी की हो, लेकिन उसका फायदा उठाने में उससे जुड़ा छात्र संगठन नाकाम रहा है। लगातार चौथा साल है, जब एबीवीपी को राजस्थान यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनावों में सफलता नहीं मिल पाई है। ऐसे में अब एबीवीपी संगठन के टिकट वितरण की प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं।
लगातार चौथा साल है जब राजस्थान यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के प्रत्याशी असफल रहे हैं। इस बार एबीवीपी के उम्मीदवार संजय माचेड़ी को एबीवीपी के ही बागी पवन यादव ने हराया। वहीं पिछले साल एबीवीपी के उम्मीदवार अखिलेश पारीक को एबीवीपी के बागी अंकित धायल ने हराया। मजेदार बात यह रही कि अखिलेश इस बार बागी पवन यादव के साथ खड़े नजर आए। इससे पहले एनएसयूआई को सतवीर चौधरी और उससे पहले अनिल चौपड़ा अध्यक्ष पद पर काबिज रह चुके हैं।
उधर अब संगठन के टिकट बांटने और उम्मीदवार तय करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं। यह लगातार दूसरा साल है जब एबीवीपी के बागी ही उसके उम्मीदवारों को हरा रहे हैं। इस साल टिकट नहीं मिलने के बाद पवन यादव ने भी संगठन पर कई तरह के आरोप लगाए थे।
राज्य में भाजपा की सरकार होने के बावजूद लगातार चौथा साल है, जब एबीवीपी को हार का सामना करना पड़ा है।