सीबीआई मामलों की विशेष एसीजेएम अदालत ने फर्जीवाड़ा कर राशन का कपड़ा सप्लाई का लाइसेंस देने के मामले में झुंझुनूं के तत्कालीन जिला रसद अधिकारी ललिता प्रसाद माथुर, क्लर्क फूलसिंह, व्यापारी शिवशंकर महाजन व एनटीसी, मुम्बई के सेल्स मैनेजर अनिल कपूर को तीन साल की सजा सुनाई है। सजा के साथ ही अदालत ने प्रत्येक अभियुक्त पर तीस हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
मामले के अनुसार सीबीआई ने तीस दिसंबर 1988 को रिपोर्ट दर्ज की थी कि राशन की दुकान पर मिलने वाले कपड़े की सप्लाई के लिए शिवशंकर महाजन ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सितंबर 1984 में लाइसेंस प्राप्त किया है। इसके साथ ही तीन लाख पन्द्रह हजार रुपए के कपड़े को मुम्बई से खरीदकर राशन की दुकानों पर सप्लाई करने के बजाय दिल्ली जाकर बेचा गया है। रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने अभियुक्तों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र पेश किया।