पहले भी गोपाल केसावत पर हो चुके हैं हमले
बता दें कि गोपाल केसावत पिछली गहलोत सरकार में घुमंतू विभाग के अध्यक्ष रह चुके हैं। जानकारी के अनुसार उनपर पहले भी कई बार निजी रंजिश के चलते हमला हो चुका है। गोपाल केसावत ने बताया कि उन्होंने 2014 में नशे के विरुद्ध अभियान चलाया था। उसके चलते कई लोगों से मेरी दुश्मनी हुई है। राजनीतिक द्वेष के चलते दो साल पहले भी पूरे परिवार को खतरा होने के कारण तत्कालीन डीजीपी से सुरक्षा देने की मांग की थी। तीन महीने पहले भी मेरे घर पर हमला हुआ था। मेरी गाड़ी के शीशे तोड़े गए थे।
पुलिस पर लगाए आरोप
पुलिस को सूचना भी दी थी लेकिन इस मामले में कुछ नहीं हुआ। गोपाल केसावत ने कहा कि मुझ पर और मेरे परिवार पर खतरा बना हुआ था पर पुलिस ने सही कार्रवाई नहीं की। पुलिस को जांच में देखना चाहिए कि क्यों बार-बार मुझे और मेरे परिवार को निशाना बनाया जा रहा है।