राजस्थान के राज्य उपभोक्ता आयोग ने जॉनसन एंड जॉनसन बेबी ऑयल की बोतल में मरी हुई मक्खी मिलने को सेवा दोष माना है। आयोग ने जॉनसन एंड जॉनसन पर 62 हजार रुपए का हर्जाना लगाते हुए कंपनी को कहा है कि वह बेबी ऑयल की कीमत भी परिवादी को लौटाए। अदालत ने यह आदेश अजयकुमार कुमावत की अपील को स्वीकार करते हुए दिए।
अपील में कहा गया कि परिवादी ने 5 अक्टूबर 2009 को अपने बच्चे की मालिश के लिए जॉनसन एंड जॉनसन बेबी ऑयल की बोतल खरीदी थी। जब 20 अक्टूबर 2009 को परिवादी ने अपने दो माह के बच्चे के शरीर पर ऑयल लगाया तो उसके एजर्ली हो गई। ऑयल की बोतल देखने पर उसमें मरी हुई मक्खी मिली। इस पर परिवादी ने जिला उपभोक्ता मंच में परिवाद पेश किया। जिसके विरोध में कंपनी की ओर से कहा गया कि बोतल सील पैक नहीं है।
ऐसे में इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि बोतल में बाद में मक्खी डाली गई हो। इसलिए परिवाद खारिज किया जाए। परिवाद पर सुनवाई करते हुए मंच ने 29 अगस्त 2016 को खारिज कर दिया। इस आदेश के खिलाफ आयोग में अपील की गई। आयोग ने उपभोक्ता मंच के आदेश को रद्द करते हुए कहा कि बोतल का छेद बहुत छोटा है। इसलिए बाद में मक्खी का गिरना संभव नहीं है।