राजस्थान हाईकोर्ट में गुरुवार को राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि आमेर के पास स्थित पांच बीघा 12 बिस्वा मंदिर माफी की जमीन को पुन: मंदिर मूर्ति ठाकुर श्रीकल्याणजी के नाम दर्ज करने के संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। इस संबंध में राज्यमंत्री अमराराम चौधरी ने लंबित अपील को तय कर दिया है।
राज्य सरकार के बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने मूलचंद की ओर से दायर अवमानना याचिका का निस्तारण कर दिया।
अधिवक्ता हनुमान चौधरी ने बताया कि जलमहल के पास स्थित ग्राम नाहरगढ़ के खसरा नंबर 102 और 105 से 115 की कुल पांच बीघा 12 बिस्वा मंदिर माफी की जमीन का मंदिर के पुजारी मूलचंद ने 1989 को मैसर्स चांदनी प्रोपर्टीज से एग्रीमेंट किया था। वहीं 1995 में इसे इंडस होटल कॉपोरेशन को बीस साल की लीज पर दे दिया। जिसकी अवधि पूर्ण होने से पूर्व ही तत्कालीन कलक्टर ने लीज आगे बढ़ा दी। इसके खिलाफ मूलचंद ने राज्य सरकार के समक्ष अपील पेश की। अपील का निस्तारण नहीं होने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई।
हाईकोर्ट ने गत 6 जनवरी को आदेश दिए कि अपील का तीन माह में निस्तारण किया जाए। जिसका निस्तारण नहीं होने पर अवमानना याचिका दायर की गई। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने अपील का निस्तारण नहीं होने पर तीन अगस्त को प्रमुख राजस्व सचिव को पेश होने के आदेश दिए थे। गौरतलब है कि वर्तमान में इस भूमि पर पांच सितारा होटल चल रहा है।